नदियों की बाढ़ के निशाने पर आया खादर क्षेत्र पुलिया धंसी,कटाव जारी

नदियों की बाढ़ के निशाने पर आया खादर क्षेत्र पुलिया धंसी,कटाव जारी

ऋषिकेश-देव भूमि के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार जारी भारी वर्षा के बावजूद ऋषिकेश शहर बेशक अभी खतरे की जद से बाहर है लेकिन नगर के देहात क्षेत्र का खदरी गाँव गंगा और सौंग नदी की बाढ़ के निशाने पर आ गया है।सौंग नदी की बाढ़ से अक्सर बर्षात में बाढ़ के पानी से नुकसान की आम बात है लेकिन इस बार गंगा की ओर से भी बाढ़ के पानी से कटाव होने लगा है।

स्थानीय निवासी एवं नमामि गंगे जिला क्रियान्वयन समिति के सदस्य पर्यावरणविद विनोद जुगलान विप्र का कहना है कि पहाड़ों में हो रही भारी वर्षा के कारण गंगा जी का न केवल जल स्तर बढ़ रहा है बल्कि गंगा जी में गाद आने के कारण चीला जल विद्युत परियोजना का जल विद्युत गृह भी भारी मात्रा में सिल्ट के कारण प्रभावित होता है।इन्ही सुरक्षा कारणों के चलते वीरभद्र बैराज से पानी छोड़ा जाता है जो कि नदी क्षेत्र में आरबीएम (रिवर बेड मैटेरियल)लेवल बढ़ने के कारण जलस्तर बढ़ने से नदियों का पानी गाँव की सीमा की ओर न केवल रुख करने लगा है।परिणामस्वरूप सेवला नाले पर बनाई गई अस्थायी पुलिया ध्वस्त होगयी है और गंगा खदरी स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक श्यामपुर के समीप दस हेक्टेयर वनीकरण क्षेत्र के पास से कटाव करते हुए बह रही है।वनीकरण क्षेत्र को वन्यजीवों से बचाने के लिए की गई सुरक्षा बाड़ का एक हिस्सा गंगा जी मे समा गया है।सुरक्षा के दृष्टिकोण से इसकी सूचना स्थानीय प्रशासन को दे दी गयी है। राजकीय पॉलिटेक्निक के समीप ग्राम पंचायत द्वारा मनरेगा के तहत निर्माणाधीन सुरक्षा तटबन्ध का कार्य नदी में बाढ़ आने से प्रभावित हुआ है।पर्यावरणविद विनोद जुगलान विप्र ने खतरों के सम्भावित ग्रामीणों से अपील की है कि नदी क्षेत्र में किसी भी प्रयोजन से फिलहाल बिल्कुल न जाएं किसी भी समय बैराज प्रबन्धन द्वारा अतिरिक्त जल छोड़ा जा सकता है।दूसरी ओर उपजिलाधिकारी ऋषिकेश आई ए एस वरुण चौधरी का कहना है कि पहाड़ी जिलों में मौसम विभाग द्वारा रेड अलर्ट घोषित किये जाने पर प्रसाशन पूरी तरह न केवल गम्भीर है बल्कि ऋषिकेश क्षेत्र में बाढ़ की संभावना से जानमाल की सुरक्षा हेतु लगातार मॉनिटरिंग जारी है।गोहरी माफी में डेंजर जोन चिन्हित कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है।दो दिन पूर्व खदरी में सिंचाई विभाग के अधिकारी एवं वनक्षेत्राधिकारी ऋषिकेश की टीम ने दौरा कर बाढ़ और जलबृद्धि से संभावित खतरों का जायजा लिया है।प्रसाशन स्थानीय सदस्यों सहित ग्रामीणों के संपर्क में है।दोपहर बाद फिर से दौरा करते हुए भूकटाव का जायजा लिया जाएगा।यदि जरूरत पड़ी तो आसपास के ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित भी किया जाएगा।प्रसाशन द्वारा ग्रामीणों को नदी क्षेत्र में न जाने के आदेश दिए गए हैं।

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