गंगा के रोद्र रूप के बीच जलमग्न हुआ त्रिवेणी घाट का आरती स्थल

गंगा के रोद्र रूप के बीच जलमग्न हुआ त्रिवेणी घाट का आरती स्थल

ऋषिकेश – ऋषिकेश में मानसून का भले ही अब तक कोई खास असर दिखाई ना दिया हो लेकिन पहाड़ों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते यहां गंगा का उफान बढ़ने लगा है। सोमवार को गढ़वाल के मुख्य द्वार ऋषिकेश में गंगा का रौद्र रूप एक बार फिर से दिखाई दिया। अचानक बड़े जलस्तर के चलते त्रिवेणी घाट में आरती स्थल भी पूरी तरह से जलमग्न हो गया।
पहाड़ों में हो रही लगातार बारिश से ऋषिकेश में गंगा का जलस्तर बढ़ गया है। सोमवार को ऋषिकेश में गंगा चेतावनी निशान 339.50 मीटर के से महज कुछ सेंटीमीटर नीचे बही। हालांकि अभी चेतावनी निशान से नीचे बह रही गंंगा को देखते हुए प्रशासन ने तटीय इलाकों में अलर्ट जारी नही किया है।

गौरतलब है कि पिछले तीन दिनों से पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है। जिसके बाद गंगा के जलस्तर में भी तेजी से वृद्धि हुई है। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक रविवार की देर रात से ही गंगा के जलस्तर में वृद्धि शुरू हो गई थी। सोमवार को दोपहर 12 बजे गंगा का जलस्तर 339.10 मीटर तक पहुंच गया। ऋषिकेश में गंगा का चेतावनी स्तर 339.50 मीटर पर जबकि खतरे का निशान 340.50 मीटर पर है। इस मानसून सत्र में दूसरी बार ऋषिकेश में गंगा का जलस्तर चेतावनी रेखा के करीब पहुंचा है गंगा का जलस्तर बढ़ने से ऋषिकेश, मुनिकीरेती, स्वर्गाश्रम व लक्ष्मणझूला क्षेत्र के सभी पक्के घाट जलमग्न होने शुरू गये हैं। ऋषिकेश के प्रमुख त्रिवेणी घाट का आरती स्थल भी पानी में डूब गया है।

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