यमकेश्वर की सड़कें जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा और सरकार की नाकामी का प्रतीक-सुदेश भट्ट

यमकेश्वर की सड़कें जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा और सरकार की नाकामी का प्रतीक-सुदेश भट्ट

ऋषिकेश- पौड़ी लोक सभा सीट का यमकेश्वर क्षेत्र आज भी विकास के नाम पर अपनी बेबसी के आंसू रहा है। मानसून का मौसम आते ही यम्केश्वर ब्लॉक की सड़कें क्षेत्रवासियों को डराने लगी है।

राजधानी देहरादून के सबसे नजदीक का सबसे पिछडा पहाडी ब्लाक यदि कोई है तो वो है यमकेश्वर।किसी भी क्षेत्र के विकास की तस्दीक सबसे पहले वहां की सड़कों से की जाती है विडम्बना देखिए स्वास्थ्य ,शिक्षा पेय जल के साथ ही ही सडक जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव यहां पर आजादी के बाद से बदस्तुर जारी है। राज्य निर्मांण के बाद राजधानी देहरादून से सबसे करीब होने के कारंण यहां के ग्रामींणो मे क्षेत्र के विकास को लेकर एक आस जगी थी लेकिन राज्य निर्मांण के बाद विकास की आस दम तोड़ती चली गई । पौडी जनपद मे सबसे ज्यादा पलायन मे शुमार यमकेश्वर के गांव के गांव खाली हो गये। कई प्राथमिक पाठशालाओं को या तो बंद कर दिया गया या बंद होने के कगार पर हैं। सडकें गांव के विकास मे मील का पत्थर साबित होती है। लेकिन यमकेश्वर की सडकें बडे बडे गड्ढों व जल भराव के कारण हर समय बडी दुर्घटना को आमंत्रित करती दिखाई दे रही है। यमकेश्वर ब्लाक के क्षेत्र पंचायत सदस्य पूर्व सैनिक सुदेश भट्ट ने बताया कि
जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा की वजह से क्षेत्र की सड़कें बदहाल हैं।जिनपर से गुजरना चुनौतीपूर्ण हो रखा है। उन्होंने बताया कि जल्द ही क्षेत्र की सड़कों को लेकर सरकार के खिलाफ एक वृहद आंदोलन शुरू किया जाएगा।

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