गाईडलाईन तय कर खोलें जाये योग सैंटर-डा राजे नेगी

गाईडलाईन तय कर खोलें जाये योग सैंटर-डा राजे नेगी

ऋषिकेश- योग की अंतरराष्ट्रीय राजधानी के नाम से विख्यात ऋषिकेश के योग सैंटरों में ताले लटक रखे हैं। योग गतिविधियों के बंद होने से योगाचार्यो के सामने रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है। जिसको लेकर योग सैंटरो को खोले जाने की मांग धीरे-धीरे जोर पकड़ने लगी है।

वैश्विक कोरेना महामारी संक्रमण से बचाव हेतु किसी भी व्यक्ति को अपनी रोग प्रतिरोग क्षमता को बढ़ाने हेतु योग प्राणायाम एक बड़ा हथियार है।आगामी 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस भी मनाया जाना है।ऐसे में तीर्थ नगरी ऋषिकेश जिसका नया नाम अब योग नगरी ऋषिकेश हो चुका है,अन्तराष्ट्रीय पटल पर योग की राजधानी के रूप में पहचाना जाता है। लेकिन इस योग नगरी के योग संचालक एवं योगाचार्य को लॉक डाउन के चलते अपनी जीवन यापन करना मुश्किल हो गया है।पौड़ी योग एशोसिएशन के चेयरमैन डॉ राजे नेगी के अनुसार अकेले पौड़ी जनपद में 250 के करीब योग सेंटर है ।जबकि तपोवन क्षेत्र में 80 से अधिक तो ऋषिकेश क्षेत्र में 45 से अधिक योग सेंटर वर्तमान में संचालित हो रहे थे जो कि कोरेना संक्रमण के चलते पिछले 3 माह से बंद पड़े है।ऐसे में इन सभी योग संचालकों एवं उनके यहाँ कार्यरत कर्मचारियों को बहुत बड़ी आर्थिक मंदी का सामना करना पड़ रहा है,अन्य शिक्षण संस्थान तो जैसे तैसे आन लाइन क्लासेस के द्वारा अपना जीवन यापन कर ले रहे है लेकिन योग जैसी चिकित्सा पर्द्धिती से जुड़े योग साधको को योग सीखा पाना योगाचार्यो के लिए असंभव एवं चुनोतिपूर्ण कार्य है।उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष स्वंम देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देहरादून में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में शिरकत की थी। योग एशोसिएशन के चेयरमैन डॉ राजे नेगी ने राज्य सरकार एवं आयुष मंत्रालय से तमाम बेरोजगार हो चुके योगाचार्यो के भविष्य को देखते हुवे उनके जीवनयापन हेतु भी कोई योजना लांच करने की मांग की है ।साथ ही सभी योग सेंटर को भी कड़े नियम कानून के साथ पुनः प्रारम्भ करने की भी अपील की है।

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