धर्मनगरी में खुले मंदिर, श्रद्वालुओं की पूरी हुई आस

धर्मनगरी में खुले मंदिर, श्रद्वालुओं की पूरी हुई आस

ऋषिकेश-उत्तराखंड की देवभूमि ऋषिकेश में लम्बे अर्से के बाद आज मंदिरों को श्रद्वालुओं के दर्शनार्थ खोल दिया गया।

सरकार द्वारा तय की गई गाईडलाईन के अनुसार तीर्थ नगरी में खुले तमाम मंदिरों में दिनभर श्रद्वालुओं का तांता लगा रहा।
शीशमझाड़ी स्थित सिद्वपीठ कात्यायनी देवी मंदिर में सुबह साढ़े पांच बजे मंगला आरती हुई। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्‍चार के पूजा अर्चना की गई। हजारों श्रद्धालुओं की आस ऋषिकेश में मंदिरों के कपाट खुलते ही पूर्ण हो गई। सोमवार को मंदिरों के कपाट खुल गए । सुबह मंदिरों के पुजारियों ने पूजन-अर्चन करके अपने ईष्‍ट को नमन किया। इसके बाद दर्शन को आतुर भक्‍तों को पूजन-अर्चन का सौभाग्‍य प्राप्‍त हुआ। सुबह से ही मंदिरों में आस्‍था की गंगा एक बार फिर उमड़ने लगी थी। हालांकि यहां फिजिकल डिस्‍टेंसिंग और सैनिटाइजिंग की भी व्‍यवस्‍था रही। करीब ढाई महीने बाद कोराेना संकट के चलते मंदिरों के ताले आज खुल गये।कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन में मंदिरों समेत अन्‍य उपासना स्‍थलों को बंद कर दिया गया था। दो माह से अधिक समय से बंद धर्म स्‍थल जब आज खुले तो भक्‍तों की आवाजाही भी शुरू हुई। इसके पहले मंदिरों को सैनिटाइज किया गया है।बदले नियमों के साथ मंदिरों पर हाथ धोने के लिए साबुन, सैनिटाइजर की भी व्‍यवस्‍था की गई है। वहीं एक साथ ढेरों भक्‍तों को दर्शन के लिए नहीं जाने दिया जा रहा है। कई मंदिरों में गोले का घेरा बनाया गया है। कुल मिलाकर फिजिकल डिस्‍टेंसिंग का पालन कराया जा रहा है।लाखों श्रद्वालुओं की आस्था का प्रतीक मधुबन आश्रम में आज अच्छी खासी संख्या में श्रद्वालुओं ने ठाकुरजी के दर्शन कर पुण्य अर्जित किया।मधुबन आश्रम के परम अध्यक्ष परमानंद दास के पावन सानिध्य में सोमवार की तड़के विशेष आरती की गई।इसके बाद मंदिर के पट श्रद्वालुओं के लिए खोल दिए गये। इसके अलावा प्राचीनतम गोपाल मंदिर, मनीराम रोड स्थित दुर्गा मंदिर सहित ग्रामीण क्षेत्रों के मंदिर भी आज दिनभर श्रद्वालुओं से रोशन रहेे।

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