ऋषिकेश का होगा विकास,ग्रामीण क्षेत्र में भी सर्वे जारी

ऋषिकेश का होगा विकास,ग्रामीण क्षेत्र में भी सर्वे जारी

ऋषिकेश-यद्यपि राज्य में कोरोना वायरस के संक्रमण की आशंका के चलते लॉक डाउन ने दो माह की अवधि पूरी कर ली है।इससे सभी विकास कार्यों की गति भी बुरी तरह प्रभावित हुई है।लेकिन बावजूद इसके राज्य की सरकार विकास कार्यों को लेकर पूरी तरह से संवेदनशील दिखाई दे रही है।विकास के इस क्रम में तीर्थ और योग नगरी ऋषिकेश पर भी सरकार का पूरा फोकस है।उत्तराखण्ड अर्बन सेक्टर डेवलेपमेंट एजेंसी की ओर से खदरी खड़क माफ से लेकर ऋषिकेश,मुनिकीरेती,स्वर्ग आश्रम एवं निकटस्थ क्षेत्र में शहरी विकास कार्यों की योजना के सर्वे कराने को लेकर देहरादून, पौड़ी एवं टिहरी जनपद के जिलाधिकारियों से अनापत्ति की संस्तुति के साथ ही श्यामपुर न्याय पँचायत की ग्रामसभा खड़क माफ में आई आई टी रुड़की की ओर से आये सर्वेक्षण दल द्वारा स्थलीय और ड्रोन सर्वे जारी है।यहाँ खादर के खेतों में गंगा नदी के आसपास वाले क्षेत्र में सर्वे इंजीनियर आधुनिक उपकरणों के साथ भरिदुपहरी में भी सर्वे कर रहे हैं।नमामि गंगे जिला क्रियान्वयन समिति के सदस्य पर्यावरणविद विनोद जुगलान विप्र ने बताया कि खादर स्थित उनके खेतों की सीमा में कुछ लोग ड्रोन उड़ाते देखे गये तो उन्होंने इस संदर्भ में जानकारी चाही तो पता चला कि न केवल ड्रोन से बल्कि उत्तराखण्ड शासन के निर्देश पर यू यू एस डी ए अंतर्गत प्रस्तावित ए आई आई बी की प्रस्तावित कार्य योजना के अंतर्गत आई आई टी रुड़की द्वारा विकास योजनाओं हेतु सर्वेक्षण कराया जा रहा है।गौरतलब है कि इस से पूर्व भी ऋषिकेश से लेकर हरिद्वार तक बाढ़ नियंत्रण परिक्षेत्र का न केवल चिन्हित कराया गया है बल्कि फ्लड प्रोटेक्शन जोन के पिल्लर भी लगाए जा चुके हैं।सूत्रों की माने तो न केवल राज्य सरकार बल्कि केंद्र सरकार का भी तीर्थ नगरी हरिद्वार और ऋषिकेश के विकास को लेकर ध्यान केंद्रित है उससे आने वाले समय में ऋषिकेश और आसपास का भी विकास होना लाजमी है।

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