शुद्धि, बुद्धि और सिद्धि का संगम थे महात्मा बुद्ध-स्वामी चिदानन्द सरस्वती

शुद्धि, बुद्धि और सिद्धि का संगम थे महात्मा बुद्ध-स्वामी चिदानन्द सरस्वती

ऋषिकेश- परमार्थ निकेतन में आज सोशल डिसटेंसिंग का गंभीरता से पालन करते हुयेे बुद्ध पूर्णिमा मनाई गयी। परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती महाराज, जीवा की अन्तर्राष्ट्रीय महासचिव साध्वी भगवती सरस्वती और लाॅकडाउन के पहले से परमार्थ निकेतन में रह रहे पर्यटकों ने शान्ति मंत्रों से भगवान बुद्ध की मूर्ति का पूजन एवं ध्यान किया।

 

 

विश्व को शान्ति का मार्ग दिखाने वाले भगवान बुद्ध का जन्म बैसाख माह की पूर्णिमा को हुआ था। आज दुनिया के अनेक देशों में बौद्ध धर्म के अनुयायी है।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि भगवान बुद्ध के विचार हर युग के लिये प्रासंगिक हैं। उनके द्वारा दिखाया मार्ग व्यक्ति को शान्ति और करूणा की ओर अग्रसारित करता है। स्वामी चिदानन्द सरस्वती महाराज ने कहा कि हम सभी संकल्प करें कि कोरोना मुक्त राष्ट्र बनाने में हम सरकार की पूरी मदद करेेंगे। कोरोना से खुद तो बचेंगे ही दूसरों को भी बचायेंगे।
बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने विशेष ध्यान कराया। कोरोना से मुक्त विश्व और विश्व शान्ति हेतु विशेष हवन, गंगा आरती एवं दीप प्रज्वलित किया गया।

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